योग साधना आश्रम निम्नलिखित के लिए मुख्य रूप से योग थेरेपी प्रदान करता है -
बॉडी फिटनेस
फेट रिडक्शन
सीनियर सिटिज़न
हाईपरटेंसन
हार्ट प्रॉब्लम
मेडिटेशन (फोर स्ट्रेस)
योगिक षट्कर्म

षट्कर्म क्रियायें शारीरिक शुद्धि की अद्धभुत क्रियायें है. कुंजल, वस्त्रधौति, बाघी, नौली, आदि क्रियाओं द्वारा पाचन संसथान के विकारों को दूर कर उन्हें नवशक्ति और नवजीवन प्रदान किया जाता है. जलनेति, सुत्रनेती, वस्त्रधौति, कपालभाती, भस्त्रिका स्वसन प्रणाली के संशोधन के अप्रतिम साधन है. त्रताका हमारे दृष्टि को ही नहीं बल्कि एकाग्रता और शीतलता प्रदान करता है

  शंखाप्रक्षलाना

जैसे की नाम से पता चलता है, जैसे ही पानी शंख में एक ओर जाता है और दूसरी हिस्से से निकल भी जाता है, उसी तरह से जल कों मुह से पिया जाता है और फिर वह पुरे शरीर से होकर गुजरता है और नालियों कों साफ़ करता है.

 
  जलनेति

इस विधि में जल नासिका से प्रवेश करता है. यह सयिनस और आँखों की दृष्टि कों स्वस्थ बनाता है. यह क्रिया उन लोगो के लिए वरदान है जो सर्दी से अधिकतर परेशान रहते है. अस्थमा और नकसीर जैसे रोगों के लिए यह उपयोगी है. येही नहीं जलनेति से मानसिक असंतुलन, सिर दर्द में भी रहत मिलती है. जलनेति के बाद सूत्रनेति क्रिया करना आवश्यक है.

   
 

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